tag:blogger.com,1999:blog-12370525.post-1150556461749100722006-06-17T10:56:00.000-04:002006-06-17T23:33:40.816-04:00मेरे घर आई एक नन्हीं परीमुबारक हो, आप फिर से चाचा, या चाची बन गए। माँ बेटी सब ठीक हैं। जहाँ तीन थे अब चार हो गए। रातों की नींद गायब हो गई। मेज पर मेरी किताबों की जगह अब रुई, डाईपर, और न जाने क्या क्या बच्चे का तामझाम जम के बैठ गया। श्रीमती जी से बात करे दिन निकल जाते हैं। किसी के पास टाइम नहीं है। घर में वी आई पी आ गयी हैं। हमारी जरूरत डाइपर बदलने, बड़े साहबज़ादे को फुटबॉल खेलने, हिन्दी सीखने ले जाने और छुटकी को डकार निकलवाने के लिए ही पड़ती है। जिन्होंने शादी नहीं की है, उनको ट्रेलर दिखा रहा हूँ।jai hanumanhttp://www.blogger.com/profile/12333747248023611898noreply@blogger.com13