tag:blogger.com,1999:blog-12370525.post-1142823072856745992006-03-19T21:49:00.000-05:002006-03-19T21:51:12.870-05:00वो अब भी हमारे साथ हैएक बार मैं रेल में दफ्तर से घर जा रहा था। उन दिनों काम की वजह से काफी परेशान था। अमरीका के खटारा "ह" वीसा में फँस के, अच्छे खासे कैरियर को चौपट करके, अनजान लोगों के चंगुल में फँस के, दफ्तर की नेतागिरी में रौंदे जाने पर अपनी किस्मत को कोस रहा था। <br /><br />मन में विचार उठा " हे परमात्मा ये मैं कहाँ फँस गया, कुछ मदद करो, कुछ हौसला बढाओ, कोई इशारा भेजो"।<br /><br />एक आदमी बगल में बैठा था, वो उठा और सामने से निकल गया।<br /><br />उसने जैकेट पहनी थी। उसकी पीठ पे लिखा था "गॉड इज़ विद यू ईवन नाओ"।jai hanumanhttp://www.blogger.com/profile/12333747248023611898noreply@blogger.com