tag:blogger.com,1999:blog-12370525.post-1143038778386870642006-03-22T09:46:00.000-05:002006-03-22T09:46:00.000-05:00भाई साहब इतिहास इतना भी बुरा नहीं है हमारा कि जिस ...भाई साहब इतिहास इतना भी बुरा नहीं है हमारा कि जिस पर गर्व नहीं किया जा सके, हां यह मानता हुं कि शुद्रों के कान मे सीसा डालना ओर असहाय विधवाओं को जला देना हमारे लिये कलंक हे परन्तु कई बातें गौरव करने के लायक भी है.<BR/>प्रथ्वी राज चौहान ने मो. गोरी को सोलह बार युद्ध में परास्त कर क्षमा किया ओर सत्रहवी बार हारे. क्या गोरी को माफ़ कर छोड देना उनकी मुर्खता थी? इस लिये उस गौरवशाली इतिहास के बारे मे अगर युवा पीढी को नहीं बताया जाय तो सही नही होगा.<BR/>आपने युवा पीढी को राजनीती मे आने का आह्वान किया परन्तु लगता है इस देश की मिट्टी में ही भ्रष्टाचार मिल गया है जो भी राजनीति मे जाता है वह उसी रंग मे घुल मिल सा जाता है, आज के ये बुढ्ढे नेता पचास वर्ष पहले अपनी जवानी मे राजनीती मे कुदे थे परन्तु उन्होने कौनसे प्याज उगा दिये? राजनीती वो दलदल है जो दाराशिकोह जैसे विद्वान को अपने ही भाई ओरंगज़ेब के हाथों मरवा सकता है, ओर अपने ही पिता को कैद मे डाल सकता है.<BR/>आज के नेताओं कि बात ले लें आप आज का किस युवा नेता से आप अच्छे कामों या अच्छे आचरण की उम्मीद कर सकते हैं????? <BR/>मेरी भाषा शैली या विचारों से आपको या पाठकों को ठेस लगी हो तो क्षमा याचना करता हुंSagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.com