tag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-50576504177628978762007-08-08T15:37:00.000+05:302007-08-08T15:37:00.000+05:30"चुन चुन के उसे खाने लगीऔर फिर दौड़ चली वहाँ -जहाँ..."चुन चुन के उसे खाने लगी<BR/>और फिर दौड़ चली वहाँ -<BR/>जहाँ दो-तीन कुत्ते लड़ रहे थे।"<BR/><BR/>बहुत मार्मिक विवरण है -- शास्त्री जे सी फिलिप<BR/><BR/>हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है<BR/>http://www.Sarathi.infoShastri JC Philiphttp://www.blogger.com/profile/00286463947468595377noreply@blogger.com