tag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-83098504828508049402008-04-18T20:26:00.003-06:002008-06-11T20:55:10.385-06:00प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं<span style="font-size:130%;">प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं...<br /><br />प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं<br />बरसों बाद तुम्हारी आँखों के<br />कोरों में चुपचाप मिलूँगी<br />बिन चाहे उस अथाह सागर से<br />पानी बन झर झरना झरूँगी<br />बन लाली हर शाम रँगूंगी<br />रात को सपना बन के सजूँगी<br />प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं।<br /><br />सदियों बाद अपनी उंगली से<br />लिपटा कभी इक पल पाओगे<br />जिस पल तुम्हारी उंगली को<br />मैंने धीरे से चिमटा था<br />अपने हाथों में पढ़ लोगे<br />उन बंधन के स्मृति चिह्नों को<br />संग बाँध के उन स्मृतियों को<br />हाथ थाम कर साथ चलूँगी<br />प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं।<br /><br />बहुत दिनों के बाद कभी तुम<br />इसी रा्ह पर चलते होगे<br />पतझड़ होगा, तेज़ हवा में<br />सूखे पत्ते गिरते होंगे<br />मेरे नाम का भी कोई पत्ता<br />तुम्हारी बाँह में आ गिरेगा<br />मेरी खुश्बू को जान तो लोगे<br />मैं खुश्बू बन संग रहूँगी<br />प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं।<br /><br />कई सालों के बाद कभी तुम<br />आधे चांद को ढूँढते होगे<br />आधा चाँद पूरे होने की<br />रातें रातें गिनते होगे<br />और कोई तारा अचानक ही<br />आसमान से टूट गिरेगा<br />मेरे छोटे से सपनों के<br />आंगन में वो आ जुड़ेगा</span><br /><span style="font-size:130%;">मैं मुट्ठी में चांद और तारा<br />दोनों को संभाल रखूँगी<br />प्रिय चलो हम बिछड़ जाते हैं</span>।Manoshihttp://www.blogger.com/profile/13192804315253355418noreply@blogger.com