tag:blogger.com,1999:blog-11470354.post-58528022476634399302008-01-06T03:33:00.000-05:002008-01-06T03:33:00.000-05:00"पूरा हो हर स्वप्न सुहानासच्चा हो अब ख्वाब पुरानान..."पूरा हो हर स्वप्न सुहाना<BR/>सच्चा हो अब ख्वाब पुराना<BR/>नये जहाँ में नयी उमंग से<BR/>बनेगा अब चौपाल नया"<BR/><BR/>इतने सोगवार आलम में भी आपका आशावादी तस्सवुर सराहनीय है...पुराने-नये के संक्रमण को बखूबी उतारा है आपने अपनी इस रचना में.Dr. RAMJI GIRIhttp://www.blogger.com/profile/08761553153026906318noreply@blogger.com