tag:blogger.com,1999:blog-11136645.post-65322433704960890482007-08-31T00:30:00.000-07:002007-08-31T00:30:00.000-07:00सामने सब के स्वीकार करता हूँहिन्दी से कितना प्यार ...सामने सब के स्वीकार करता हूँहिन्दी से कितना प्यार करता हूँकलम है मेरी टूटी फूटीथोड़ी सुखी थोड़ी रुखीहर हिन्दी लिखने वाले काप्रकट आभार करता हूँआप लिखते रहिएमैं इन्तज़ार करता हूँ ।NishikantWorldNishikant Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/01492698893838649166noreply@blogger.com