tag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-21935610094379796372007-12-07T22:18:00.000+05:302007-12-07T22:18:00.000+05:30आदरणीय अनुनाद जी, इस लेख के लिये बहुत बहुत आभार. आ...आदरणीय अनुनाद जी, इस लेख के लिये बहुत बहुत आभार. आपने एक कठिन काम हाथ में लिया है, लेकिन इसका फायदा हम सब पाठकों को होगा.<BR/><BR/>जिस तरह आपने पाठ 1 लिखा है उस तरह इस विषय पर आज तक मैं ने कुछ भी नहीं देखा है. अत: मुझे पूरी उम्मीद है कि (चाहे मैं परिवर्तक बनाऊं या न) आपकी यह लेखन परम्परा जैसे जैसे आगे बढेगी वैसे वैसे मुझे कई चीजों का मर्म समझ में आ जायगा जो आज तक मेरे लिये "ग्रीक" था !!<BR/><BR/> -- शास्त्री <BR/><BR/>हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.<BR/>हर महीने कम से कम एक हिन्दी पुस्तक खरीदें !<BR/>मैं और आप नहीं तो क्या विदेशी लोग हिन्दी <BR/>लेखकों को प्रोत्साहन देंगे ??शास्त्री जे सी फिलिप्http://www.blogger.com/profile/00286463947468595377noreply@blogger.com